Thursday, November 29, 2007

उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक

उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।

देखिए पाते हैं उशशाक़ बुतों से क्या फ़ैज़
इक बराह्मन ने कहा है कि ये साल अच्छा है।

हमको मालूम है जन्नत की हक़ीकत लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है।

जगजीत सिंह की आवाज़ मे सुने
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5 comments:

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल said...

पण्डित द्वारिका प्रसाद मिश्र ने, जिन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है, दीवाने गालिब का हिन्दी में अनुवाद किया था. इस गज़ल के मतले का उनका अनुवाद देखिए:
उनके दर्शन से जो आ जाती है मुख पर आभा
वो समझते हैं कि रोगी की दशा उत्तम है.

rohit said...

ushshaak matlab kyaa.

Nishant kumar said...

Ushaaq => Lovers

vishwanath said...

Dear Nishant Kumar,
I have just stumbled on the hindi version of Ghalib Ghazals. By all accounts you have done a great job.
It would be really good if you can provide hindi meaning for some of the urdu words. I am sure a great many people would then really enjoy these.

Shabbir Husain Qureshi said...

An excellent effort bu Nishantji... !Ehale Hindi pe ye Aapaka Ehsan he.